कथन और पक्ष
बहस में आप एक पक्ष चुनते हैं ताकि पाठक देख सकें कि आप कहाँ खड़े हैं।
बहस में आप कथन पर एक पक्ष अपना सकते हैं: पक्ष में, विरुद्ध या संतुलित। इससे पाठक एक ही नज़र में देख लेते हैं कि बहस किस तरह बँटी हुई है और आपकी बात कहाँ से आ रही है।
पक्ष कोई खेमा नहीं है — अगर कोई अच्छा तर्क आपको समझा दे, तो आप बीच रास्ते में इसे बदल भी सकते हैं। Debaty का मकसद बिलकुल यही है।
